हिन्दू अचानक जाग गए हैं"- मुकेश खन्ना: 'लाल सिंह चड्ढा' के 70% शोज कैंसिल

हिन्दू अचानक जाग गए हैं"- मुकेश खन्ना: 'लाल सिंह चड्ढा' के 70% शोज कैंसिल

आमिर खान (Amir Khan) की फिल्‍म 'लाल सिंह चड्ढा' रिलीज के पहले से ही देश भर में काफी चर्चा में रही है और विरोधों का सामना कर रही हैं। और वो भी इस फिल्म के किसी सीन को लेकर नहीं बल्कि आमिर खान के पिछले बयानों व उनकी फ़िल्म पीके के कुछ सीन्स को लेकर ये फिल्म बॉयकॉट कल्चर (Boycott Culture) से जूझ रही है। 

रिलीज़ के छठे दिन ही ये फ़िल्म डिजास्‍टर (Disaster) साबित हुई है। सोमवार को छुट्ट‍ियां खत्‍म होने के बाद मंगलवार को फिल्‍म की कमाई में करीब 75% की गिरावट को मिली है। बता दे कि सोमवार तक इस फिल्‍म ने बॉक्‍स ऑफिस (Box office) पर 45.75 करोड़ रुपये की कमाई की थी, और फ़िल्म के 6 दिनों की कमाई सिर्फ 47.75 करोड़ रुपये ही हो पाई है। बता दे कि फिल्‍म की रिलीज के दूसरे ही दिन दर्शकों की कमी को देखते हुए सिनेमाघर मालिकों ने इसके 1300 शोज कैंसिल कर दिए थे। और अब मंगलवार को जिस तरह कमाई गिरी है, घाटे से बचने के लिए इसके बचे हुए शोज में से भी 70% शोज कैंसिल करने का फैसला किया गया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को कई शोज में 15 दर्शक भी नहीं पहुंचे, जिस कारण 'नो शो' की घोषणा करनी पड़ी। 

वही इस बीच 'शक्तिमान' फेम एक्टर मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) ने भी फ़िल्म को लेकर कुछ बयान दिए हैं। हाल ही में मुकेश खन्ना से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि फ़िल्म "लाल सिंह चड्डा" हर तरह से फ्लॉप होने की तरफ बढ़ रही है। आपका क्या मानना है? इस फिल्म का कंटेंट खराब है या आमिर खान के पिछले कुछ दिनों का बर्ताब और बयानों को लेकर जो सोशल मीडिया पर बायकॉट हुआ वह जिम्मेदार है? इस पर मुकेश खन्ना ने कहा, 'देखिए यह थोड़ा क्रिटिकल केस है, जो पहले कभी नहीं हुआ। इससे पहले भी कई प्रोजेक्ट्स को लेकर प्रोटेस्ट हुए हैं, चाहें फिर वह 'पद्मावत' हो, 'लक्ष्मी' हो या 'तांडव' हो। लेकिन, यह पहला एक केस आया है, जिसमें पुरानी बातों को उठाकर विरोध हो रहा है। किसी ने 'लाल सिंह चड्ढा' का एक फ्रेम नहीं देखा था, तब भी विरोध हो रहा था।

आगे उन्होंने कहा कि "अगर यह सच में फ्लॉप हो रही है तो मुझे कोई खुशी नहीं मिलती कि किसी प्रोड्यूसर की फिल्म न चले। लेकिन, इस फिल्म में दरअसल, फिल्म से ज्यादा व्यक्तित्व की बात आ गई है। हम चाहते हैं कि फिल्म चलें। सो कॉल्ड डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स और घराने ओवर कॉन्फिडेंट हो गए कि देखो एक धर्म विशेष सॉफ्ट टारगेट है। इसको मारो पंच। थोड़ा सा हल्ला होगा, फिर हमारी फिल्म चल जाएगी। इसीलिए इस प्रवृत्ति को रोकना बहुत जरूरी है। आप सिर्फ एक धर्म विशेष को ही टारगेट नहीं कर सकते हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कि जब जागो तब सवेरा। हिंदू लोग अचानक जाग गए हैं"।

महिमा शर्मा